Solar-Wind Hybrid System: बढ़ते बिजली बिल और बार-बार की पावर कट से परेशान लोगों के लिए Solar-Wind Hybrid System एक जबरदस्त और गेम-चेंजर समाधान बनकर सामने आया है। यह सिस्टम सूरज की रोशनी और हवा दोनों से बिजली बनाता है, यानी अगर धूप कम हो तो हवा काम आएगी और अगर हवा शांत हो तो सोलर पैनल बिजली बनाते रहेंगे। यही “डबल पावर” कॉन्सेप्ट इसे पारंपरिक सोलर सिस्टम से अलग और ज्यादा पावरफुल बनाता है।
खास बात यह है कि भारत में रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए सरकार सोलर प्रोजेक्ट्स पर सब्सिडी भी दे रही है। कई राज्यों में रूफटॉप सोलर पर आकर्षक सब्सिडी मिल रही है, जिससे शुरुआती लागत कम हो जाती है। ऐसे में Solar-Wind Hybrid System सिर्फ एक टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि लंबे समय की स्मार्ट इन्वेस्टमेंट बन सकता है।

Solar-Wind Hybrid System
इस सोलर पैनल और छोटी विंड टरबाइन को एक साथ जोड़ा जाता है, जो हाइब्रिड कंट्रोलर के माध्यम से बैटरी बैंक में ऊर्जा स्टोर करते हैं। यह सिस्टम दिन और रात दोनों समय काम करने की क्षमता रखता है, क्योंकि हवा किसी भी समय चल सकती है। इसमें स्मार्ट इन्वर्टर, बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम और ओवरलोड प्रोटेक्शन जैसी एडवांस सुविधाएं दी जाती हैं।
Installation and Use
इसकी इंस्टॉलेशन के लिए खुली छत या ऊंची जगह की जरूरत होती है, जहां सोलर पैनल को पर्याप्त धूप मिले और विंड टरबाइन को हवा का फ्लो मिल सके। इंस्टॉलेशन हमेशा प्रमाणित तकनीशियन से करवाना चाहिए ताकि वायरिंग, कंट्रोलर और बैटरी कनेक्शन सुरक्षित तरीके से सेट हो सकें।
Power Saving
यह सिस्टम लंबे समय में बिजली बिल को काफी हद तक कम कर सकता है। अगर आपका घर रोजाना 5 से 10 यूनिट बिजली खर्च करता है, तो सही क्षमता वाला हाइब्रिड सिस्टम आपकी बड़ी जरूरतें पूरी कर सकता है। ग्रिड-कनेक्ट मॉडल होने पर आप अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेज भी सकते हैं।
Environment Friendly
यह पूरी तरह रिन्यूएबल एनर्जी पर आधारित है। इसमें किसी प्रकार का जीवाश्म ईंधन उपयोग नहीं होता, जिससे कार्बन उत्सर्जन शून्य के करीब रहता है। यह ग्लोबल वार्मिंग कम करने में योगदान देता है और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देता है सोलर पैनल और विंड टरबाइन दोनों प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करते हैं, जो न खत्म होने वाले स्रोत हैं। इसलिए यह सिस्टम भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए एक सुरक्षित और टिकाऊ विकल्प है।
Government Subsidy Benefits
भारत में रूफटॉप सोलर योजनाओं के तहत केंद्र और राज्य सरकारें सब्सिडी प्रदान करती हैं। सब्सिडी की दर क्षमता और राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर 1kW से 3kW तक के सिस्टम पर प्रतिशत के आधार पर वित्तीय सहायता मिलती है। हाइब्रिड सिस्टम में सोलर हिस्से पर सब्सिडी लागू हो सकती है, लेकिन विंड कंपोनेंट पर नीति राज्य के अनुसार बदल सकती है। इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल या डिस्कॉम से जानकारी लेना जरूरी है।
Price and Warranty
Solar-Wind Hybrid System की कीमत उसकी क्षमता, बैटरी बैंक और उपकरण की क्वालिटी पर निर्भर करती है। छोटे घरेलू सेटअप की कीमत लगभग 1.5 लाख रुपये से शुरू होकर बड़े सिस्टम के लिए कई लाख तक जा सकती है। वारंटी की बात करें तो सोलर पैनल पर आमतौर पर 20 से 25 साल की परफॉर्मेंस वारंटी मिलती है, जबकि इन्वर्टर और विंड टरबाइन पर 3 से 5 साल की वारंटी दी जाती है।
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